Akash

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Thursday, March 17, 2011

दोस्ती की राह !!!! --- आकाश सिंह

दोस्ती की राह नही आसन
या हो धरती या आसमान,

दोस्ती से होती है ब्याक्तित्व की पहचान
या हो इन्सान या फिर भगवान,

दोस्ती में नही होनी चाहिए अभिमान
या हो हिन्दू या फिर मुसलमान,

दोस्ती में होते हैं सब एक सामान
या हो बुढा या फिर नादान,

दोस्ती से बढती है हिम्मत और शान
हो जाती है सारी मुश्किलें आशान,

दोस्ती ही मेरा गुरु दोस्ती ही मेरा ज्ञान
है उनपे ये मेरा जीवन कुर्बान,

दोस्ती ही गीता दोस्ती ही कुरान
कभी ना करो इसका अपमान .....

6 comments:

  1. aakash kavita uttam likhi hai bas anurodh ye hai ki kuchh shabd jo galat ho gaye hain unhe sahi kar lo-

    दोस्ती की राह नही आसन
    yahan "aasaan"hoga,
    दोस्ती में नही होनी चाहिए अभिमान
    yahan "hona"hoga,
    दोस्ती में होते हैं सब एक सामान
    yahan "samaan"hoga,
    please anyatha mat lena.aapka blog bahut achchha laga aur aapke bhav bhi .
    please remove word veri fication kyonki isse comment karne me pareshani hoti hai.
    settings>comment>verifications

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  2. आपका ब्लॉग मैंने अपनी पोस्ट में सम्मिलित किया है .मेरे ब्लॉग का पता है -http ://yeblogachchhalaga .blogspot .com .आप भी अपने विचार ब्लॉग पर आकर प्रकट करें .

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  3. dosyi kaa shi faarmula adiya he jnab new mubark ho . akhtar khan akela kota rajsthan

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  4. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं संजय भास्कर हार्दिक स्वागत करता हूँ.

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  5. आदरणीय आकाश सिंह जी
    कृपया वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें ...टिप्पणीकर्ता को सरलता होगी ...
    वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिए
    डैशबोर्ड > सेटिंग्स > कमेंट्स > वर्ड वेरिफिकेशन को नो NO करें ..सेव करें ..बस हो गया .

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