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Saturday, May 12, 2012

क्या यही प्यार है ? - आकाश कुमार


क्या यही प्यार है ?
बड़ी सिद्दत से प्यार की दो बातें लिखी है | आपकी मंत्ब्य्यों की अपेक्छा है |

प्यार को किसी नाम की जरुरत नहीं होती |
इससे ज्यादा कोई चीज दुनियां में खुबसूरत नहीं होती ||
                  मैंने भी किया था प्यार बड़ी शान से |
                  पर ये क्या हुआ भी तो एक नादान से ||
प्यार की परिभाषा, ना प्यार का मतलब आता था |
मन ही मन उनकी हर अदा मेरे दिल को भाता था ||
                  उनकी हर अदा में छलकता प्यार देखा |
                  थोडा नहीं बेसुमार देखा ||
आगे देखो प्यार का खेला |
मधुर मिलन की आई बेला ||
                  प्यार का मौसम सावन आया |
                  दो से हमको एक बनाया ||
कई साल अब बीत गए |
हम वादों में जुट गए ||
                  दिन भर प्यार की कसमे खाना |
                  झूठ मुठ का रोना धोना ||
प्यार प्यार में तकरार हो गया |
देखते ही देखते साडी मेहनत बेकार हो गया ||
                  जिस प्यार को हमने सबकुछ माना |
                  उसी ने किया हमको बेगाना ||

24 comments:

  1. सुंदर सरल रचना । सीधा मन से निकली हुई । आपके ब्लॉग का कलेवर मुझे पसंद है आपने इसे बेहद खूबसूरती से सजाया हुआ है ।

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  2. जिस प्यार को हमने सबकुछ माना |
    उसी ने किया हमको बेगाना ||

    .......बहुत ख़ूबसूरत...ख़ासतौर पर आख़िरी की पंक्तियाँ!!

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  3. अच्‍छा लगा आपके ब्‍लॉग पर आकर....आपकी रचनाएं पढकर और आपकी भवनाओं से जुडकर....!!!!

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  4. बहुत खूब
    इस बेगानेपन में भी तो शुरूर है

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  5. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    इंडिया दर्पण
    की ओर से मातृदिवस की शुभकामनाएँ।

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  6. कच्ची उम्र का हर प्रेमी इस अनुभव से गुजरता है।

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  7. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  8. आकाश जी, आपके पोस्ट पर आना अच्छा लगा । मेरी कामना है कि आप सर्वदा सृजनरत रहें । धन्यवाद ।

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  9. सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  10. .

    क्या यही प्यार है ?
    अरे ! इस सवाल का तो मैं भी जवाब ढूंढ़ रहा हूं …
    आपको पता चले तो बताइएगा
    :)

    अच्छे प्यारे भाव हैं कविता में
    …और सुंदर श्रेष्ठ लिखें यही शुभकामना है

    मंगलकामनाओं सहित…
    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  11. अच्छी रचना
    अरुन (arunsblog.in)

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  12. दिल को छूलेनेवाली रचना ! आकाश जी, ...... बधाई !!

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  13. बहुत सुंदर.............
    प्यार के कई रंग होते हैं.....मिलन भी जुदाई भी ......

    अनु

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  14. बहुत बेहतरीन व प्रभावपूर्ण रचना.सुन्दर प्रस्तुति.


    दूसरा ब्रम्हाजी मंदिर आसोतरा में .....

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  15. उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

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  16. Very nice post.....
    Aabhar!
    Mere blog pr padhare.

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