Akash

Akash

इस ब्लॉग की

कृप्या इस ब्लॉग की प्रविष्टियों को महसूस करें तथा अपना मंतब्य जरूर लिखें |

Sunday, January 15, 2012

माँ और मेरे अरमान - आकाश सिंह

प्रिय ब्लोग्वाशी आपसभी को आकाश कुमार का प्यार भरा नमस्कार | संजय भास्कर जी की प्रेरणा और "दर्शन कौर धनोये" जी की ममता ने आख़िरकार वापस बुला ही लिया |
दर्शन जी जिन्हें मैं माँ कहता हूँ उनके बारे में जो कुछ भी लिखा जाये मेरे समझ से कम होगा | एक प्रयाश मेरा भी | अपनी बातों को मैंने निचे लिख दिया अब आपकी बारी है |

"दर्शन कौर धनोये" जी

एक अजनबी राहों पर


चल पड़ा अकेले


चंद मुठ्ठी भर लोकप्रियता के लिए
राह अजनबी राही अजनबी
जो भी आया जो भी गया 
पर सब के सब अजनबी 
उस भीड़ में तलाशती हुई मेरी निगाहें
टकटकी लगाये बैठी है
कब पुरे होंगे मेरे अरमान और सपने
पर पता नहीं 
एक पथिक से पूछा ये रास्ता कहाँ जाती है
आपकी सोंच तक
मैंने सोंचा पागल है 
फिर माँ की याद आई 
क्या ये रास्ता मेरी माँ तक जाएगी 
नहीं ऐसा नहीं हो सकता 
मन की उधेड़ बिन के बिच 
जिन्हें मैं माँ कहता हूँ
एक राही का पैगाम आया 
ये क्या इन्हें तो मैं जानता तक नहीं 
फिर अपनापन सा क्यों लग रहा 
ममता भरी पैगाम पढ़कर 
मेरे जुबान पे एक ही शब्द आया "माँ" 
और पुरे हुए "मेरे अरमान , मेरे सपने" |

23 comments:

  1. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

    ReplyDelete
  2. स्वागत है आपका एक बार फिर , बहुत सुंदर भाव संजोये है और उनकी अभिव्यक्ति भी बहुत सुंदर.......

    ReplyDelete
  3. बाह बहुत बढिया लिखा है।
    दर्शन कौर जी की जय जय कार।

    ReplyDelete
  4. बहुत सुंदर कविता लिखी हें आकाश ....दिल की गहराइयो से तुम्हे आशीर्वाद ... तुम युही सफलताओ की सीढियाँ चड़ते रहो और अपना नाम सार्थक करो ...

    ReplyDelete
  5. खबसूरत ब्लॉग आकाश जी । और बहुत ही प्यारी रचना । बहुत बहुत शुभकामनाएं आपको

    ReplyDelete
  6. fb ke madhyam se itne sundar blog ka pata chala.aakash aapki kavita padhi.aapme likhne ka hunar hai isi tarah likhte rahiye.shubhkamnayen.

    ReplyDelete
  7. बहुत खूबसूरत भाव संजोएं हैं..बहुत बहुत शुभकामनाएं..

    ReplyDelete
  8. स्वागत है आपका आकाश भाई
    आपकी यह कविता दिल को छु गयी... !

    ReplyDelete
  9. sunder bhav ki sunder kavita...........................

    ReplyDelete
  10. चलिए वापसी मुबारक हो.

    ReplyDelete
  11. बहुत सुंदर कविता लिखी हें आकाश ...बधाई

    ReplyDelete
  12. बहुत बहुत आभार की आपके बलौग पर आना हुआ। बहुत ही संवेदनशील कविता। आभार।

    ReplyDelete
  13. सार्थक सोच लिये....आभार

    ReplyDelete
  14. आप सभी गणमान्य लोगों को दिल की गहराइयों से उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद | संजय भास्कर जी को आभार |

    ReplyDelete
  15. आपके ब्लॉग का चटक रंग कहता है कि आप ऊँची उड़ान पर हैं।
    शुभकामनाएँ...। खुश रहें..मस्त रहें..मन वांछित सफलता आपके कदम चूमे।

    ReplyDelete
  16. बहोत अच्छा लगा आपका लेख पढकर ।

    नया हिन्दी ब्लॉग

    हिंदी दुनिया

    ReplyDelete
  17. सचमुच अच्छी बातें हैं आपके ब्लॉग में..
    पहली बार आना हुआ..अच्छा लगा.
    सस्नेह.

    ReplyDelete
  18. सुंदर प्रस्तुति बहुत अच्छी रचना,..आपके पोस्ट पर आना सार्थक रहा,....

    --26 जनवरी आया है....

    ReplyDelete
  19. आकाश कहाँ हो कांताक्ट करो मेरा नया नंबर है 08271440404

    ReplyDelete
  20. दर्शन कौर जी को बधाई

    ReplyDelete

कृपया अपनी टिपण्णी जरुर दें| आपकी टिपण्णी से मुझे साहश और उत्साह मिलता है|